जानिए रुद्राक्ष के महत्व एवं मंत्र(1-14 मुखी रुद्राक्ष)

जानिए रुद्राक्ष के महत्व एवं मंत्र(1-14 मुखी रुद्राक्ष)

Posted by

रुद्राक्ष के महत्व एवं मंत्र, एक मुखी रुद्राक्ष से लेकर चौदह मुखी रुद्राक्ष का महत्व एवं मंत्र को जाने।

रुद्राक्ष पहनने से क्या फायदा है?

शिव पुराण और लिंग पुराण के अनुसार रुद्राक्ष का बहुत अधिक महत्व है जिस प्रकार संजीवनी हर रोग को नष्ट करने का सामर्थ्य रखती है उसी प्रकार रुद्राक्ष हर भौतिक समस्याओं को जड़ से खत्म कर देता है।

गले में रुद्राक्ष पहनने से क्या होता है?

शिव पुराण के अनुसार अगर किसी भी मनुष्य ने अपनी कंठी में रुद्राक्ष या तुलसी माला पहने रखी हो तुम मृत्यु के समय जब यमदूत उसे लेने को आते हैं तो वह वह भी उस मनुष्य की आत्मा को ठीक उसी प्रकार सम्मान प्रदान करते हैं जिस प्रकार से सम्मान हम साधुओं ऋषि मुनियों तपस्वी और सन्यासियों को देते हैं।

तुलसी रुद्राक्ष का कंठी में धारण करने का अर्थ है कि मृत्यु के पश्चात हम अपनी आत्मा की यात्रा और भी सुगम कर रहे हैं क्योंकि यमदूत हमें यातनाएं देकर नहीं ले जाते।

शिव पुराण के अनुसार एक मुखी से लेकर 14 मुखी तक होते हैं, यह अलग-अलग रुद्राक्ष अलग-अलग समस्याओं को हल कर मनुष्य को सुख शांति और शांति प्रदान करते हैं।

1 मुखी रुद्राक्ष पहनने के फायदे

शिव महापुराण के अनुसार एक मुखी रुद्राक्ष का बहुत अधिक महत्व है जिस घर में लक्ष्मी का वास नहीं होता , धन संपदा का अभाव रहता है तो उस परिवार के मुखिया को एक मुखी रुद्राक्ष धारण करना चाहिए।

यह मनुष्य को उस पद की ओर अग्रसर करता है जहां पर मनुष्य धन वैभव को प्राप्त कर सके।

एक मुखी रुद्राक्ष को अभिमंत्रित करने वाला मंत्र है

“ॐ हिंम नमः”

2 मुखी रुद्राक्ष पहनने के फायदे

शिव महापुराण के अनुसार 2 मुखी रुद्राक्ष का बहुत अधिक महत्व है अगर किसी भी मनुष्य का काम चाहे वह प्रशासनिक राजनीतिक या कोई सा अन्य कार्य अटका हुआ है तो 2 मुखी रुद्राक्ष उसे कार्य सिद्धि प्रदान करता है।

2 मुखी रुद्राक्ष को अभिमंत्रित करने वाला मंत्र है

“ओम हीम नमः”

3 मुखी रुद्राक्ष पहनने के फायदे

शिव महापुराण के अनुसार अगर कोई भी विद्यार्थी बुद्धि क्षीण की समस्या से जूझ रहा हो , उस विद्यार्थी पर सरस्वती की कृपा ना हो और वह पढ़ाई लिखाई में पीछे हो तो ऐसे विद्यार्थी को तीन मुखी रुद्राक्ष का कंठी धारण करना चाहिए।

तीन मुखी रुद्राक्ष ना केवल उस विद्यार्थी को बुद्धि प्रदान करता है अपितु सफलता की ओर भी अग्रसर करता है।

तीन मुखी रुद्राक्ष को अभिमंत्रित करने का मंत्र है,

“ओम क्लीम नमः”

4 मुखी रुद्राक्ष पहनने के फायदे

शिव महापुराण के अनुसार 4 मुखी रुद्राक्ष का बहुत अधिक महत्व है अगर कोई भी मनुष्य द्वारा कोई सी भी वस्तु खो जावी जाती है, तो शिव पुराण में वर्णन आता है कि उस वस्तु को पुनः प्राप्त करने के लिए मनुष्य को 4 मुखी रुद्राक्ष को चावल की कटोरी में रख कर उसे अभिमंत्रित करना चाहिए।

4 मुखी रुद्राक्ष को अभिमंत्रित करने वाला मंत्र है

“ओम हीम नमः”

5 मुखी रुद्राक्ष पहनने के फायदे

शिव महापुराण के अनुसार अगर किसी मनुष्य ने नया नया व्यापार शुरु किया है या उसे किसी भी कार्य में सफलता प्राप्त नहीं हो रही है तो 5 मुखी रुद्राक्ष इस समस्या का निवारण करता है।

पांच मुखी रुद्राक्ष को अभिमंत्रित करने का मंत्र है

“ओम हीम नमः”

6 मुखी रुद्राक्ष पहनने के फायदे

शिव महापुराण के अनुसार अगर किसी भी व्यक्ति का कोई सा भी कार्य अटका हुआ है या उसके अंदर रोड़े आ रहे हैं चाहे वह कार्य शादी से जुड़ा, या किसी अन्य विषय से लिंगपुराण और शिव पुराण के अनुसार 6 मुखी रुद्राक्ष निवारण करता है।

6 मुखी रुद्राक्ष को अभिमंत्रित करने का मंत्र है

“ओम हीम हूं नमः”

7 मुखी रुद्राक्ष पहनने के फायदे

शिव महापुराण के अनुसार कलयुग का प्रभाव हर मनुष्य पर पर पड़ेगा और उसका असर यह होगा कि मनुष्य के पास सब कुछ हो कर भी वह हताश और निराश रहेगा इस कारण उसे मानसिक रोग होने की संभावना बहुत अधिक है । सात मुखी रुद्राक्ष ना केवल इस समस्या को हल करता है अपितु मनुष्य को धर्म के मार्ग पर भी अग्रसर करता है।

सात मुखी रुद्राक्ष को अभिमंत्रित करने का मंत्र है

“ओम हूं नमः”

8 मुखी रुद्राक्ष पहनने के फायदे

शिव महापुराण के अनुसार अगर मनुष्य आंख, नाक , छाती घूटने ,तलवे ,पांव ग्रस्त रहता है तो 8 मुखी रुद्राक्ष का धारण करना चाहिए या ना केवल समस्या को जड़ से हल करता है अपितु उसके शरीर को चेतना सिद्धि प्रदान करता है।

अभिमंत्रित करने वाला मंत्र है

“ओम हुं नमः”

8 मुखी रुद्राक्ष का सबसे अधिक महत्व हमें तब जानने को मिलता है जब कोई रोगी शुगर से पीड़ित हो और उसका शुगर लेवल बहुत अधिक हो , 8 मुखी रुद्राक्ष शुगर की समस्या को जड़ से खत्म कर देता है।

9 मुखी रुद्राक्ष पहनने के फायदे

शिव महापुराण के अनुसार महिला को गर्भ धारण करने में समस्या आ रही हो, 9 मुखीरुद्राक्ष समस्या को हल कर देता है।

इसमे पति और पत्नी दोनों को 9 मुखी रुद्राक्ष को धारण करना होता है और एक 9 मुखी रुद्राक्ष को चांदी के बर्तन में (वह भरा हुआ हो) रखना होता है , और उस जल का सेवन पूजा अर्चना करने के बाद दोनों पति पत्नी को करना होता है।

शिव महापुराण के अनुसार ना केवल यह रुद्राक्ष पति पत्नी को संतान प्रदान करता है अपितु संतान को गर्भ से ही बुद्धिमता और संस्कार भी देता है ।

अभिमंत्रित करने वाला मंत्र है

“ओम हीम हुम नमः”

10 मुखी रुद्राक्ष पहनने के फायदे

शिव महापुराण के अनुसार अगर कोई व्यक्ति घुटने और कमर के दर्द से पीड़ित है तो 10 मुखी रुद्राक्ष उस रोग को जड़ से खत्म करके मनुष्य को शांति प्रदान करता है।

10 मुखी रुद्राक्ष को अभिमंत्रित करने वाला मंत्र है

“ओम हीम नमः”

11 और 12 मुखी रुद्राक्ष पहनने के फायदे

शिव महापुराण के अनुसार अगर कोई व्यक्ति उच्च रक्तचाप या धीमी रक्तचाप से पीड़ित हो तो 11 और 12 मुखी रुद्राक्ष रक्तचाप को नियंत्रित करने में प्रभावी है।

11 मुखी रुद्राक्ष को अभिमंत्रित करने वाला मंत्र है

“ओम हीम नमः”

वहीं पर 12 मुखी रुद्राक्ष को अभिमंत्रित करने वाला मंत्र है “ॐ क्रोम छृओम-रोम नमः”

13 मुखी रुद्राक्ष पहनने के फायदे

शिव महापुराण के अनुसार अगर किसी मनुष्य ने नया व्यापार शुरु किया है परंतु उस व्यापार में धन वैभव संपदा का अर्चन नहीं हो रहा है तो 13 मुखी रुद्राक्ष उस समस्या को जड़ से हल करता है।

13 मुखी रुद्राक्ष को अभिमंत्रित करने वाला मंत्र है

“ओम हीम नमः”

14 मुखी रुद्राक्ष पहनने के फायदे

शिवपुराण के अनुसार अगर मनुष्य में बुद्धि मता, चपलता अनुशासन धैर्य विवेक शालीनता की कमी है तो 14 मुखी रुद्राक्ष उस मनुष्य को सिद्धि प्रदान करता है।

14 मुखी रुद्राक्ष को अभिमंत्रित करने वाला मंत्र है

“ॐ नमः”

अगर आपको यह लेख पसंद आया तो इसे ज्यादा से ज्यादा लोगो को शेयर करे।

यह भी पढ़े:

श्री शिवाय नमस्तुभ्यं मंत्र की महिमा

पंडित प्रदीप जी मिश्रा का जीवन परिचय

कावड़ के जल से ये उपाय जरूर करें

भोले बाबा से हमें क्या प्रार्थना करना चाहिए

शीतला सप्तमी पर भूल के भी ना करे ये काम

|| श्री शिवाय नमस्तुभ्यं ||

श्री शिवाय नमस्तुभ्यं

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *